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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर भारत विभाजन के शहीदों को किया गया स्मरण

सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रुद्रपुर में इतिहास विभाग के तत्वावधान में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर भारत विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले लोगों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया. इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को भारत विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसके कारणों तथा विभाजन के दौरान आम जनमानस को झेलनी पड़ी त्रासदी पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई.

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत विभाजन के इतिहास और उससे जुड़ी मानवीय पीड़ा से परिचित कराना तथा विभाजन के शहीदों और विस्थापितों के संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण करना था. डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से विद्यार्थियों ने विभाजन के दौरान हुए व्यापक विस्थापन, हिंसा, सामाजिक विघटन और मानवीय त्रासदी को समझा.

इस अवसर पर कार्यक्रम की संयोजक और इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अपर्णा सिंह ने कहा कि भारत का विभाजन केवल राजनीतिक सीमाओं का पुनर्निर्धारण नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली एक गहरी मानवीय त्रासदी थी. विभाजन की स्मृतियों को याद करने का उद्देश्य किसी समुदाय के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेते हुए मानवीय संवेदना,सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे को मजबूत करना है. उन्होंने विद्यार्थियों से इतिहास को तथ्यों और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ समझने का आह्वान किया.

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ए. एन. सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें उन असंख्य लोगों के संघर्ष, पीड़ा और बलिदान का स्मरण कराता है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी को झेला. उन्होंने कहा कि इतिहास की घटनाओं को स्मरण करने का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य वर्तमान और भावी पीढ़ी को यह संदेश देना है कि सामाजिक एकता, सौहार्द और मानवीय मूल्यों की रक्षा सदैव सर्वोपरि होनी चाहिए. उन्होंने विद्यार्थियों को इतिहास से सीख लेकर राष्ट्र की एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया.डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन के पश्चात विद्यार्थियों ने भारत विभाजन से संबंधित ऐतिहासिक घटनाओं और उसके सामाजिक प्रभावों पर चर्चा भी की. इस कार्यक्रम में प्रो. दीपा वर्मा, प्रो. प्रेम प्रकाश, प्रो. चारु चन्द्र ढौंढियाल, डॉ वसुंधरा उपाध्याय, डॉ. शिल्पी अग्रवाल सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.