उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों के लिए इस बार की सर्दी असामान्य रूप से लंबी और कठोर होने वाली है। मौसम वैज्ञानिकों ने एक बड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ‘ला-नीना’ प्रभाव के कारण राज्य में भारी बर्फबारी और लंबे समय तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी। इसका असर यह होगा कि बसंत ऋतु का आगमन सामान्य समय से विलंब से होगा और वह मार्च तक टल सकता है।
ला-नीना का क्या है प्रभाव?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ला-नीना प्रभाव तब उत्पन्न होता है जब प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से लगभग 0.5 डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है। यह बदलाव वैश्विक वायु परिसंचरण पैटर्न को बदल देता है, जिसके चलते उत्तरी भारत में बारिश और ठंड के दौर बढ़ जाते हैं। एक मजबूत ला-नीना आने वाले महीनों में मानसून के पैटर्न को भी प्रभावित कर सकता है।
दिसंबर से दिखने लगेगा असर, तापमान में गिरावट जारी रहेगी
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम विशेषज्ञ एएस नैन के अनुसार, ला-नीना का प्रभाव दिसंबर माह से राज्य में स्पष्ट रूप से दिखने लगेगा। उन्होंने तापमान में लगातार गिरावट की उम्मीद जताई है, जिससे पहाड़ों में भयंकर ठंड पड़ेगी। गिरने वाली बर्फ अधिक समय तक जमी रहेगी, जिससे सर्दियों का मौसम सामान्य से लंबा खिंच जाएगा। निचले इलाकों और मैदानों में भी कोहरे और ठंड के दौर सामान्य से अधिक दिनों तक बने रहने की संभावना है।
केदारनाथ और बदरीनाथ में जमकर हुई बर्फबारी
इस बदलते मौसम का असर पहले ही दिखना शुरू हो गया है। विश्वप्रसिद्ध केदारनाथ धाम और उसके आसपास की पहाड़ियां बर्फ से लकदक नजर आ रही हैं। बदरीनाथ धाम के साथ ही हेमकुंड साहब में भी मंगलवार को सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे तापमान में अच्छी खासी गिरावट आई है। केदारनाथ में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
पर्यटक और श्रद्धालु बर्फबारी का लुत्फ उठा रहे
बर्फबारी के बीच केदारनाथ धाम पहुंचे देश-विदेश से आए तीर्थयात्री बर्फबारी का खूब आनंद ले रहे हैं। धाम में प्रशासन की ओर से यात्रियों के लिए अलाव की व्यवस्था की गई है। बाबा केदार के दर्शनों के लिए श्रद्धालु लाइन में खड़े नजर आ रहे हैं और बर्फ से ढके मंदिर की खूबसूरती को कैमरे में कैद कर रहे हैं।
48 घंटे तक जारी रहने का अलर्ट, सावधानी जरूरी
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे तक उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी जारी रहने का अलर्ट जारी किया है। विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की हिदायत दी है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने साथ गर्म कपड़े और जरूरी सामान अवश्य लेकर आएं।
चारधाम यात्रा का अंतिम चरण जारी
गौरतलब है कि मानसून के खत्म होने के बाद चारधाम यात्रा का दूसरा और अंतिम चरण जोरों पर है। केदारनाथ धाम में इन दिनों रोजाना 10 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और अब तक 16 लाख 45 हजार से ज्यादा भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। शीतकाल के लिए चारधाम के कपाट बंद होने की तिथि तय हो चुकी है। केदारनाथ धाम के कपाट 23 अक्टूबर को भैयादूज के अवसर पर बंद किए जाएंगे।
इस प्रकार, इस बार ला-नीना के प्रभाव से उत्तराखंड में न केवल लंबी और सख्त सर्दी पड़ेगी, बल्कि इसका असर फसल चक्र, पर्यटन और आम जनजीवन पर भी पड़ेगा।


