देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर एक अहम स्थिति सामने आई है। राज्य में 19.79 लाख से अधिक मतदाता अब भी अज्ञात श्रेणी में हैं, यानी उनका डिजिटल सत्यापन अभी पूरा नहीं हुआ है। यह संख्या कुल मतदाताओं का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 की मतदाता सूची में राज्य में कुल 84.42 लाख मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से अब तक 64.63 लाख का ही सत्यापन (मैपिंग) हो पाया है। शेष मतदाताओं के नाम आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जांच के दायरे में आ सकते हैं।
अज्ञात होने का मतलब नाम कटना नहीं
चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अज्ञात होने का अर्थ नाम हटाया जाना नहीं है। इसका मतलब केवल इतना है कि मतदाता का रिकॉर्ड 2003 की आधार मतदाता सूची से अभी डिजिटल रूप से मिलान नहीं हो पाया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा,
“यह नाम हटाने की प्रक्रिया नहीं है। 2003 की मतदाता सूची के आधार पर मिलान किया जा रहा है। जो मतदाता अभी अज्ञात श्रेणी में हैं, उन्हें बीएलओ के माध्यम से नोटिस भेजे जाएंगे। किसी भी तरह की नाम कटौती केवल एसआईआर अधिसूचना के बाद ही हो सकती है।”
घर-घर जाकर हो रहा सत्यापन
यह प्रक्रिया प्री-एसआईआर गतिविधि के तहत की जा रही है, जिसमें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर उन मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं, जो 2003 में पंजीकृत थे या बाद में राज्य में स्थायी रूप से बसे।
जो मतदाता पहले ही सत्यापित हो चुके हैं, उन्हें किसी अतिरिक्त कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। लेकिन अज्ञात श्रेणी में शामिल मतदाताओं को निर्धारित प्रपत्र के साथ ऐसे दस्तावेज देने होंगे, जिनसे उनका 2003 की मतदाता सूची से संबंध प्रमाणित हो सके।
जिलों में स्थिति
जिला स्तर पर सबसे अधिक अज्ञात मतदाता इन जिलों में दर्ज हैं:
- देहरादून: 6.64 लाख
- ऊधम सिंह नगर: 5.24 लाख
- हरिद्वार: 3.06 लाख
- नैनीताल: 2.14 लाख
पर्वतीय जिलों में भी संख्या कम नहीं है:
- पौड़ी: 66,002
- अल्मोड़ा: 47,097
- टिहरी: 45,947
11 प्रकार के दस्तावेज मान्य
चुनाव आयोग द्वारा स्वीकृत 11 प्रकार के दस्तावेज इस सत्यापन के लिए मान्य हैं, जिनमें पासपोर्ट, शैक्षिक प्रमाणपत्र, जाति या संपत्ति से जुड़े कागजात, और वनाधिकार प्रमाणपत्र शामिल हैं।
वर्तमान में राज्य भर में 12,070 बूथ लेवल एजेंट (BLA) इस सत्यापन प्रक्रिया में तैनात हैं।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने मतदाताओं से अपील की कि वे बीएलओ के साथ सहयोग करें, ताकि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। 2003 की मतदाता सूची ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां विधानसभा क्षेत्र, नाम या इलाके के आधार पर खोज की जा सकती है।


