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तिरुमाला लड्डू केस: SIT का बड़ा खुलासा, उत्तराखंड की कंपनी ने 5 साल में 60 लाख किलो मिलावटी घी की सप्लाई की

नई दिल्ली: तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रसाद के रूप में बांटे जाने वाले लड्डू में मिलावटी घी के इस्तेमाल का मामला गहराता जा रहा है। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। SIT के मुताबिक, उत्तराखंड स्थित एक कंपनी ने पिछले पांच वर्षों में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को लगभग 60 लाख किलोग्राम मिलावटी घी सप्लाई किया, जिसकी कीमत करीब 240 करोड़ रुपये आंकी गई है। (TTD laddu case: Uttarakhand company)

मिलावट की बारीक तरकीब

जांच में पता चला है कि भोले बाबा डेयरी नामक कंपनी ने पाम ऑयल, पाम करनल ऑयल, पामोलिन और बीटा-कैरोटीन, एसिटिक एसिड एस्टर, घी फ्लेवर जैसे केमिकल्स मिलाकर यह घी तैयार किया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस मिलावटी घी को लैब टेस्ट में पास करवाने और उसमें असली घी जैसी खुशबू बनाए रखने के लिए खास तरीके से तैयार किया गया था

प्रॉक्सी सप्लायर्स के जरिए हुआ कारोबार

आरोप है कि भोले बाबा डेयरी ने आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थित प्रॉक्सी सप्लायर्स का इस्तेमाल कर TTD को यह मिलावटी घी बेचा। जुलाई 2024 में, तमिलनाडु की AR डेयरी द्वारा सप्लाई किए गए घी के चार कंटेनर TTD ने खारिज कर दिए थे, क्योंकि उनमें जानवरों की चर्बी जैसे मिलावटी पदार्थ पाए गए थे। मगर जांच में पता चला कि इस रिजेक्ट किए गए घी को बाद में श्रीकालहस्ती स्थित वैष्णवी डेयरी नामक दूसरे प्रॉक्सी के जरिए दोबारा TTD को ही सप्लाई कर दिया गया।

राजनीतिक भूचाल और जानवरों की चर्बी के आरोप

तिरुपति लड्डू को लेकर एक बड़ा राजनीतिक विवाद 2024 में तब खड़ा हुआ जब आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (TDP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की गठबंधन सरकार बनी। TTD को सप्लाई किए गए घी के चार सैंपल में मिलावट पाए जाने के बाद मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और गठबंधन के अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि मंदिर में इस्तेमाल होने वाले घी में बीफ टैलो (गोमांस की चर्बी) और अन्य पदार्थ मिलाए जा रहे हैं। हालांकि, लैब रिपोर्ट्स में बीफ टैलो और लार्ड को नारियल, सूरजमुखी और जैतून के तेल जैसी कई संभावित अशुद्धियों में से एक बताया गया था। विशेषज्ञों का कहना था कि रिपोर्ट घी के नमूनों में जानवरों की चर्बी की मौजूदगी की पुष्टि नहीं करती। (TTD laddu case: Uttarakhand company)

गिरफ्तारियां और SIT के गंभीर आरोप

फरवरी 2025 में, SIT ने भोले बाबा डेयरी के दो पूर्व निदेशकों पोमिल जैन और विपिन जैन को गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने नकली रिकॉर्ड तैयार करके दावा किया कि घी भोले बाबा डेयरी से सोर्स किया गया है, जबकि उनके प्लांट में इतनी बड़ी मात्रा में सप्लाई करने की क्षमता ही नहीं थी। उन पर प्रॉक्सी डेयरियों के जरिए घी सप्लाई करने का आरोप है।

SIT ने एक अदालत में दायर अपनी रिमांड रिपोर्ट में कहा कि पोमिल और विपिन जैन ने उत्तराखंड के रुड़की के पास भगवानपुर स्थित अपने प्लांट में बिना एक भी लीटर दूध खरीदे ही यह मिलावटी घी तैयार किया। उन्होंने इस घी को TTD को अपनी कंपनी भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के अलावा, वैष्णवी डेयरी, पुणे के पास मलगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स और तमिलनाडु की AR डेयरी जैसे अन्य सप्लायर्स के जरिए एक “साजिश” के तहत सप्लाई किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मिलावटी घी का “इस्तेमाल भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के पवित्र प्रसाद तैयार करने में किया गया, जिससे देश-विदेश के करोड़ों भक्तों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।”

यूपीए चेयरमैन के कार्यकाल में हुई थी शिकायत, कोई एक्शन नहीं

SIT ने यह भी उजागर किया है कि 2022 में, जब YSRCP सांसद YV सुब्बा रेड्डी TTD के चेयरमैन थे, तब भोले बाबा डेयरी के खिलाफ एक गुमनाम शिकायत मिली थी। मैसूर स्थित सेंट्रल फूड टेक्नोलॉजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (CFTRI) में भोले बाबा, वैष्णवी और प्रीमियर एग्री सहित सभी सप्लायर्स के नमूनों की जांच की गई थी। हालांकि रिपोर्ट में वनस्पति वसा की मिलावट का पता चला, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई और सप्लाई के कॉन्ट्रैक्ट 2024 तक जारी रहे। सुब्बा रेड्डी पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के चाचा भी हैं।

अक्टूबर में, SIT ने सुब्बा रेड्डी के पूर्व पर्सनल असिस्टेंट चिन्ना अप्पन्ना को TTD के घी सप्लायर्स से 50 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। SIT के मुताबिक, 2022 में भोले बाबा के पूर्व डायरेक्टर पोमिल जैन ने खुद सुब्बा रेड्डी से शिकायत की थी कि उनके पीए ने रिश्वत की मांग की है और उन्होंने अपने प्लांट का निरीक्षण न करवाने की भी विनती की थी।

मामला गंभीर है और जांच जारी है। करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। (TTD laddu case: Uttarakhand company)