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एसएसजे विश्वविद्यालय का ‘अनोखा’ फरमान: 2024 से पहले के NET को मानने से इनकार

अल्मोड़ा स्थित एसएसजे विश्वविद्यालय में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में कार्यरत कई NET क्वालिफाइड शिक्षकों ने प्रशासन को पत्र लिखकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि विश्वविद्यालय ने 2024 से पहले उत्तीर्ण NET/SET को मान्यता देने से इनकार कर दिया है, जिससे वे पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो गए हैं।

शिक्षकों के अनुसार, सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया UGC Regulation 2024 के आधार पर संचालित की जा रही है। उन्होंने निर्धारित समय सीमा से पहले आवेदन भी कर दिया था और दस्तावेज सत्यापन के बाद 15 अप्रैल को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट भी किए गए थे। लेकिन विश्वविद्यालय पहुंचने और शुल्क जमा करने के बाद उन्हें घंटों इंतजार कराया गया और बाद में साक्षात्कार के लिए अयोग्य बताकर वापस भेज दिया गया।

पत्र में शिक्षकों ने कहा है कि विश्वविद्यालय की वर्तमान अधिसूचना में नियमित फैकल्टी के लिए किसी भी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं किया गया है, जबकि पूर्व वर्षों में ऐसा प्रावधान मौजूद था। साथ ही, 2024 से पहले NET/SET उत्तीर्ण शिक्षकों को अयोग्य मानना उनके साथ अन्याय है, क्योंकि वे लंबे समय से उच्च शिक्षा में योगदान दे रहे हैं।

शिक्षकों ने यह भी उल्लेख किया है कि देश के कई अन्य विश्वविद्यालय अपने संबद्ध महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित शिक्षकों को पीएचडी प्रवेश में छूट या विशेष प्रावधान देते हैं, ताकि उनके शैक्षणिक विकास को प्रोत्साहन मिल सके।

शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि नियमित फैकल्टी को प्रवेश परीक्षा में छूट दी जाए और 2024 से पहले NET/SET या एमफिल धारक शिक्षकों को सीधे साक्षात्कार में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाए।

इस पूरे मामले को लेकर अब विश्वविद्यालय की नीति और पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।