रुद्रपुर स्थित सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के इतिहास विभाग ने सोमवार को “Reimagining Indian Democracy: Constitutional Vision of Dr. B.R. Ambedkar” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के न्यू कॉन्फ्रेंस हॉल में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के सहयोग से संपन्न हुआ।
कार्यशाला का मकसद था कि विद्यार्थी और शोधार्थी डॉ. भीमराव अंबेडकर के संवैधानिक विचारों को आज के समय के संदर्भ में समझ सकें। इसमें छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों और प्राध्यापकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
डॉ. अंबेडकर का संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है — यह सामाजिक न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत मार्गदर्शक है।
— प्रो. ए. एन. सिंह, प्राचार्य
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. ए. एन. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को इतिहास की समझ तो देती ही हैं, साथ ही उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए भी प्रेरित करती हैं। उन्होंने इतिहास विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए।
इतिहास विभाग की विभागाध्यक्ष और कार्यशाला की संयोजक डॉ. अपर्णा सिंह ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र को सही तरह से समझने के लिए डॉ. अंबेडकर की सोच को गहराई से जानना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्यशाला विद्यार्थियों में आलोचनात्मक सोच और संवैधानिक मूल्यों की समझ बढ़ाने में मददगार साबित होगी। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे लोकतंत्र के सिद्धांतों को अपने जीवन में भी उतारें।
अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से मुख्य वक्ता के रूप में आए भास्कर उप्रेती ने डॉ. अंबेडकर के संवैधानिक दर्शन पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि अंबेडकर ने भारत की विविधता को ध्यान में रखते हुए एक ऐसा संविधान बनाया जिसमें सभी को समान अवसर, आजादी और सामाजिक न्याय मिले। उन्होंने कहा कि आज के समय में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना बेहद जरूरी है और एक जागरूक नागरिक ही लोकतंत्र को मजबूत बना सकता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रमोद जोशी ने किया। कार्यशाला के सचिव डॉ. रवीश त्रिपाठी ने अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे
प्रो. दीपा वर्मा, प्रो. भरत सिंह, प्रो. आशा राणा, डॉ. हेमलता सैनी, प्रो. रविन्द्र सैनी, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. कमला बोरा, डॉ. रूमा शाह, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. दिशा, डॉ. वंदिता, डॉ. सुमन फुलारा, डॉ. वकार खान, डॉ. सुनील मोर्य्य। छात्र संघ की ओर से अध्यक्ष रजत सिंह बिष्ट, सचिव जसवंत सिंह तथा छात्र-छात्राओं में असलम, अनामिका, शिवांशु, शकुन्तला, वैष्णवी, रश्मि, मानसी, जाकिर आदि उपस्थित रहे।


