देहरादून। ऋषिकेश के नजदीक लाल टप्पड़ इलाके में बुधवार रात पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों न गुरुवार को यह जानकारी दी। इस मुठभेड़ में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है। बताया जा रहा है कि यह सभी आरोपी हाल ही में सरकारी दून हॉस्पिटल के बाहर हुई फायरिंग की घटना में शामिल हैं।
कैसे हुई मुठभेड़?
यह घटना देहरादून जिले के डोईवाला गाँव की है। डोईवाला पुलिस थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रदीप राणा ने बताया कि बुधवार रात करीब 10:15 बजे लाल टप्पड़ इलाके में पुलिस की एक टीम को ये तीनों आरोपी संदिग्ध हालत में दिखाई दिए। जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, आरोपियों ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों के पैरों में गोली मारी। इस दौरान तीसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर नजदीक के जंगल में भागने में सफल रहा।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?
मुठभेड़ में घायल हुए दोनों आरोपियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने उनकी पहचान देहरादून निवासी सोहैल खान (25) और शानू (23) के रूप में की है। इंस्पेक्टर राणा ने बताया कि ये दोनों आरोपी दून हॉस्पिटल के बाहर हुई फायरिंग की घटना के मुख्य अभियुक्त हैं, जिसके बाद से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।
फरार आरोपी की तलाश जारी
पुलिस ने जंगल में फरार आरोपी को ढूंढने के लिए एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इसके अलावा, उसे गिरफ्तार करने के लिए अन्य संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जल्द ही तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला करीब 2-3 सप्ताह पहले सरकारी दून हॉस्पिटल के बाहर हुई फायरिंग का है। इस घटना में एक व्यक्ति को जानलेवा हमले का शिकार होना पड़ा था। इस मामले में देहरादून सिटी पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ हत्या का प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसकी जांच के दौरान इन तीनों की भूमिका सामने आई थी।
पुलिस ने बरामद किया साक्ष्य
मुठभेड़ के बाद आरोपियों की पास से पुलिस ने दो पिस्तौल और एक स्कूटर बरामद किए हैं। इन हथियारों के इस्तेमाल और स्कूटर से जुड़े सबूतों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। बरामद की गई पिस्तौलों की लाइसेंस और उनके इस्तेमाल की जांच की जा रही है।
देहरादून की इस पुलिस मुठभेड़ ने एक बार फिर से अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता को रेखांकित किया है। डून हॉस्पिटल के बाहर हुई गोलीबारी जैसी घटनाएं आमजन में डर का माहौल पैदा करती हैं, ऐसे में आरोपियों की गिरफ्तारी निश्चित रूप से एक बड़ी सफलता है। हालांकि, एक आरोपी के फरार रहने से पुलिस की चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है। पुलिस के लिए अब यह जरूरी है कि वह फरार आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और इन आरोपियों के अपराधिक नेटवर्क को पूरी तरह से उजागर करे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।


