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उत्तराखंड में कफ़ सिरप के बाद अब इस दवा पर भी सख्त निगरानी !

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने हाल ही में बच्चों को दी जाने वाली पैरासिटामॉल सिरप (Paracetamol Syrup for Children) पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी ज़िलों में दवा निरीक्षकों (Drug Inspectors) को आदेश दिया है कि वे इन सिरप के नमूने एकत्र करें और उनका विस्तृत रिकॉर्ड रखें।

सरकार ने मेडिकल स्टोर्स को यह निर्देश दिया है कि वे चार वर्ष से कम उम्र (Below Four Years) के बच्चों के लिए पैरासिटामॉल सिरप बिना डॉक्टर की पर्ची (Without Doctor’s Prescription) के न बेचें।

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत (Dr. Dhan Singh Rawat) ने कहा, “किसी भी मेडिकल स्टोर को बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा बेचते पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।”


जांच की पृष्ठभूमि

उत्तराखंड में यह कदम तब उठाया गया जब मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में कोल्ड्रिफ (Coldrif) नामक खांसी की दवा पीने से अब तक 22 बच्चों की मौत (22 Children Dead) हो चुकी है। जांच में पाया गया कि उस सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) नामक ज़हरीला रसायन 48.6 प्रतिशत तक मौजूद था। इसके बाद उस दवा को प्रतिबंधित कर दिया गया है और निर्माता कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया गया।

उत्तराखंड सरकार ने ऐसी किसी भी संभावित स्थिति को रोकने के लिए बच्चों की पैरासिटामॉल सिरप की गुणवत्ता (Quality of Pediatric Paracetamol Syrup) पर निगरानी का आदेश दिया है।


जांच के मुख्य कारण (Key Reasons for Scrutiny)

  1. गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control): सिरप में किसी भी हानिकारक रासायनिक तत्व की मौजूदगी की जांच की जा रही है।
  2. अधिक मात्रा में सेवन का खतरा (Risk of Overdose): छोटे बच्चों को दी जाने वाली दवा की सही मात्रा तय करना अत्यंत आवश्यक है।
  3. माता-पिता द्वारा अत्यधिक उपयोग (Parental Overuse): विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी माता-पिता बार-बार सिरप दे देते हैं, जिससे लीवर डैमेज (Liver Damage) जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

पैरासिटामॉल के संभावित दुष्प्रभाव (Side Effects of Paracetamol)

डॉक्टरों के अनुसार, यदि दवा का सेवन निर्धारित मात्रा से अधिक किया जाए तो इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं जैसे–

  • पेट में दर्द या सूजन (Stomach Pain)
  • गहरे रंग का पेशाब (Dark Urine)
  • आंखों या त्वचा का पीला पड़ना (Yellow Eyes or Skin)
  • थकान और कमजोरी (Fatigue and Weakness)
  • मुंह में घाव या दाने (Mouth Ulcers or Skin Rash)

विशेषज्ञों की सलाह (Expert Advice)

  • बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर से सलाह (Consult Doctor Before Giving Medicine) ज़रूर लें।
  • यदि बुखार या दर्द कुछ दिनों में ठीक न हो तो डॉक्टर से दोबारा संपर्क करें।
  • पैरासिटामॉल (Paracetamol) के साथ अन्य दवाएं जिनमें एसिटामिनोफेन (Acetaminophen) हो, उन्हें एक साथ न दें।

निष्कर्ष (Conclusion)

उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय एक सतर्क और जिम्मेदार कदम (Responsible Step by Uttarakhand Government) है, जो बच्चों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से आवश्यक है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार आगे के निर्णय लेगी।


स्रोत (Sources):

  • स्वास्थ्य विभाग, उत्तराखंड
  • टाइम्स ऑफ इंडिया रिपोर्ट (TOI)
  • सरकारी प्रेस विज्ञप्ति, अक्टूबर 2025