देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री एकेडमी के पास एक बड़े मॉल और आवासीय कॉम्प्लेक्स के निर्माण प्रस्ताव को लेकर सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। The Hindu वेबसाइट के अनुसार, यह परियोजना कथित तौर पर सैन्य क्षेत्र के 500 मीटर के दायरे में प्रस्तावित है, जो सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करती है और इसे सेना से बिना एनओसी लिए ही मंजूरी दे दी गई है।
4 फरवरी 2026 को देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट को लिखे एक पत्र में, बताया गया है कि भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के 2011 के आदेशों के अनुसार, रक्षा प्रतिष्ठान के 100 से 500 मीटर के भीतर किसी भी निर्माण के लिए स्थानीय सैन्य प्राधिकरण (LMA) से सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य है। नियमों के मुताबिक, रक्षा भूमि से 100 मीटर के भीतर एक मंजिला इमारत भी नहीं बनाई जा सकती और 500 मीटर के भीतर चार मंजिला निर्माण की अनुमति नहीं है।
IMA ने अपने पत्र में बताया कि “दून कर्व (वन लोकेशन, ड्यूल एडवांटेज)” नाम से पंडितवाड़ी, देहरादून में एक परियोजना का विज्ञापन जारी किया गया है, जिसे शिवम बिल्डर्स एंड डेवलपर्स द्वारा प्रस्तावित किया गया है। इस परियोजना को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने बिना IMA से किसी तरह की राय लिए और बिना LMA से एनओसी प्राप्त किए ही मंजूरी दे दी, जो कि केंद्र सरकार की नीति और जिला मजिस्ट्रेट के 22 अक्टूबर 2024 के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
IMA के सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित बहुमंजिला इमारतों से संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों की निगरानी (ओवरलुकिंग) का खतरा बढ़ सकता है। इसी को लेकर IMA ने MDDA से स्पष्टीकरण मांगा है कि इस परियोजना को कैसे मंजूरी दी गई और क्या 100/500 मीटर की दूरी के नियमों का पालन किया गया है या नहीं। 3 फरवरी को IMA की ओर से भेजे गए एक अन्य पत्र में कहा गया कि मौजूदा जानकारी के आधार पर यह प्रस्ताव नियमों के अनुरूप नहीं लगता और अवैध प्रतीत होता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों के सामने यह मामला उठाने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले में देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट सविन बंसल और उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्धन से भी संपर्क किया गया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
वहीं, MDDA के उपाध्यक्ष बी.डी. तिवारी ने कहा कि IMA द्वारा उठाई गई आपत्तियों की जांच की जा रही है और तब तक निर्माण कार्य रोक दिया गया है।


