देहरादून। राज्य की राजनीति में एक बार फिर गैरसैंण का मुद्दा केंद्र में आता दिख रहा है। कांग्रेस की प्रस्तावित राजनीतिक समिति की बैठक में इस विषय को औपचारिक रूप से उठाए जाने की तैयारी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा, वरिष्ठ नेता गणेश गोदियाल, और अन्य पदाधिकारियों की सक्रियता ने इस पूरे मामले को नए सिरे से चर्चा में ला दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करण माहरा ने बताया कि गैरसैंण सिर्फ एक “राजनीतिक मुद्दा” नहीं, बल्कि उत्तराखंड के भावनात्मक और भूगोलिक केंद्र के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि आगामी पॉलिटिकल कमेटी मीटिंग में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का प्रस्ताव फिर से जोरदार तरीके से रखा जाएगा।
इधर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी गैरसैंण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से पीछे कदम नहीं हटाए। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों के सपनों का सम्मान करते हुए गैरसैंण को निर्णायक रूप से स्थापित करने का समय आ गया है। गोदियाल ने यह भी कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को इस मुद्दे पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी ताकि आगामी रणनीति साफ तौर पर तय की जा सके।
इस बीच, शनिवार को गणेश गोदियाल की मुलाकात कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से हुई, जिसमें संगठन से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। बताया गया कि मुलाकात के दौरान गैरसैंण का विषय भी सामने रखा गया। इस वजह से माना जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व राष्ट्रीय हाईकमान के साथ मिलकर इस मुद्दे को नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जनता के बीच गैरसैंण को लेकर अब भी मजबूत भावनात्मक जुड़ाव है। इसलिए राजनीतिक समिति की बैठक में इस मुद्दे को केंद्रीय एजेंडा बनाते हुए आगे की नीति पर विमर्श होगा।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह सिर्फ राजधानी चयन का मामला नहीं, बल्कि राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, भौगोलिक संतुलन और आंदोलन की भावना से भी जुड़ा विषय है।
राज्य में लोकसभा चुनावों की तैयारी के बीच कांग्रेस द्वारा गैरसैंण को फिर से राजनीतिक बहस का केंद्र बनाना कई मायनों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। देखना होगा कि समिति की बैठक के बाद इस दिशा में कौन से ठोस निर्णय सामने आते हैं।


