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उत्तराखंड में रहस्यमयी बुखार का कहर ? अल्मोड़ा और हरिद्वार में 15 दिनों में 10 मौतें!

उत्तराखंड (Uttarakhand) के दो ज़िलों — अल्मोड़ा (Almora) और हरिद्वार (Haridwar) — में पिछले पंद्रह दिनों के भीतर रहस्यमयी बुखार (Mysterious Fever) से 10 लोगों की मौत ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। यह घटनाएँ खास तौर पर अल्मोड़ा के धौलादेवी ब्लॉक (Dhauladevi Block) और हरिद्वार के रुड़की क्षेत्र (Roorkee Area) में सामने आई हैं।

15 दिनों में 10 मौतें, स्थानीय लोगों में दहशत

सूत्रों के अनुसार, केवल धौलादेवी ब्लॉक में पिछले 15 दिनों में सात मौतें हुई हैं, जबकि हरिद्वार जिले के रुड़की क्षेत्र से तीन और मौतों की पुष्टि हुई है। मृतकों में अधिकांश लोग तेज़ बुखार (High Fever) और प्लेटलेट्स की तेज़ गिरावट (Low Platelet Count) जैसी लक्षणों से पीड़ित थे, जो अक्सर डेंगू (Dengue) या अन्य वायरल संक्रमण (Viral Infection) से जुड़ा माना जाता है।

स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि यह डेंगू का प्रकोप हो सकता है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुँचने से पहले सतर्क रुख अपनाया है।

अभी कारण स्पष्ट नहीं, जांच जारी

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्र तिवारी (Dr. Naveen Chandra Tiwari) के अनुसार, संक्रमण के सही कारण का पता लैब रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। प्रभावित लोगों के नमूने अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं, जहाँ वैज्ञानिक जांच की जा रही है।

डॉ. तिवारी ने बताया कि अल्मोड़ा में हुई सात मौतों में से केवल तीन मामलों में वायरल संक्रमण की संभावना दिख रही है, जबकि बाकी मौतें उम्र और पुरानी बीमारियों (Age-Related Health Issues) से जुड़ी प्रतीत होती हैं।

पोस्टमार्टम न होने पर सवाल

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। धौलादेवी निवासी दिनेश भट्ट (Dinesh Bhatt) ने मीडिया से कहा, “सात लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी का पोस्टमार्टम नहीं हुआ। बिना जांच के असली कारण कैसे पता चलेगा?”

इस बीच, स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में टीमें भेज दी हैं और घर-घर सर्वेक्षण तथा निगरानी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार (R. Rajesh Kumar) ने बताया कि धौलादेवी में गहन निगरानी (Intensive Monitoring) और वैज्ञानिक मूल्यांकन (Scientific Evaluation) चल रहा है।

सरकार ने “मिस्ट्री फीवर” की अफवाहों से किया इनकार

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। एक अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि “राज्य में किसी रहस्यमयी बुखार (Mystery Fever) या डेंगू के बड़े प्रकोप की स्थिति नहीं है। यह मौसमी वायरल बुखार (Seasonal Viral Fever) प्रतीत हो रहा है, जो मौसम ठंडा होने पर स्वतः कम हो जाएगा।”

सावधानी ही सुरक्षा

डॉक्टरों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे घरों में पानी जमा न होने दें, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करें, और बुखार के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाएँ।

राज्य स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी में जुटा है और अब तक किसी नए क्षेत्र में गंभीर स्थिति की सूचना नहीं मिली है।


    स्रोत (Sources)

    1. Times of India – Uttarakhand mysterious fever report (अक्टूबर 2025)।
    2. Uttarakhand Health Department official statement।
    3. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और प्रत्यक्षदर्शी बयान।
    4. काफल ट्री लाइव (Kafal Tree Live) रिसर्च डेस्क।