Homeकुमाऊँभारत–नेपाल सीमा पर झूलाघाट पुल पर फेस रिकग्निशन सिस्टम का ट्रायल शुरू

भारत–नेपाल सीमा पर झूलाघाट पुल पर फेस रिकग्निशन सिस्टम का ट्रायल शुरू

पिथौरागढ़, 2 फरवरी उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में भारत–नेपाल सीमा स्थित झूलाघाट पुल पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सोमवार से फेस रिकग्निशन सिस्टम की शुरुआत की। अधिकारियों के अनुसार, एसएसबी की 55वीं बटालियन ने सीमा पार करने वाले दोनों देशों के नागरिकों की पहचान के लिए यह कदम उठाया है। फिलहाल यह प्रणाली ट्रायल के आधार पर लागू की गई है।

एसएसबी के कमांडेंट आशीष कुमार ने बताया कि यह सिस्टम एक महीने के ट्रायल के लिए शुरू किया गया है। ट्रायल अवधि पूरी होने के बाद इसकी रिपोर्ट एसएसबी के महानिदेशक को भेजी जाएगी, जो यह तय करेंगे कि इस प्रणाली को आगे जारी रखा जाए या नहीं।

उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था व्यापार, धार्मिक और पारिवारिक कारणों से बार-बार सीमा पार करने वाले लोगों के लिए उपयोगी साबित होगी। खास तौर पर नेपाल में त्रिपुरा सुंदरी देवी के दर्शन के लिए जाने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह प्रणाली लागू की गई है।

अधिकारी ने बताया कि सीमा पर लगाए गए क्लोज़-सर्किट कैमरों के ज़रिये यह फेस रिकग्निशन सिस्टम एसएसबी मुख्यालय से जुड़ा रहेगा, जिससे सीमा पार करने वाले हर व्यक्ति की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली पहले की व्यवस्था की तुलना में कहीं अधिक तेज़ है, क्योंकि यह मात्र 10 सेकंड में व्यक्ति की पहचान कर लेती है, जबकि पहले इसमें लगभग पाँच गुना अधिक समय लगता था।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस प्रणाली को आगे जारी रखने को लेकर शहर के व्यापारियों की राय भी ली जाएगी।

झूलाघाट व्यापारी संघ के अध्यक्ष योगेश भट्ट ने कहा कि यह प्रणाली प्रभावी तो है, लेकिन इससे जुड़ी गोपनीयता और पहचान के दुरुपयोग को लेकर कुछ चिंताएँ भी हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राय देने से पहले सीमा के दोनों ओर के व्यापारियों और अन्य हितधारकों से बातचीत की जाएगी।