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पहाड़ में ऐसे दूर होगी डॉक्टरों की कमी, धन सिंह रावत ने निकाला नया तरीका

देहरादून। पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को दूर करने के लिए उत्तराखंड सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि अब पहाड़ी जिलों में सेना के रिटायर डॉक्टर सेवाएं देंगे। इससे दूरस्थ गांवों में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों की कमी काफी हद तक दूर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

डॉ. रावत ने बताया कि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी एक गंभीर समस्या रही है। इस चुनौती को देखते हुए सरकार ने रक्षा मंत्रालय से बात की, जिसमें सकारात्मक परिणाम सामने आए। समझौते के तहत जल्द ही सेना से रिटायर हुए डॉक्टरों को राज्य के विभिन्न ब्लॉकों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में नियुक्त किया जाएगा।

70 वर्ष की आयु तक सेवा दे सकेंगे डॉक्टर

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सेना से रिटायर होने के बाद भी कई डॉक्टर सेवा देने के इच्छुक रहते हैं। ऐसे डॉक्टरों को राज्य सरकार एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत स्वास्थ्य विभाग से जोड़ेगी। वे 70 वर्ष की आयु तक सेवा दे सकेंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार उन्हें उपयुक्त सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। यह कदम राज्य के दुर्गम गांवों में रहने वाले लोगों के लिए काफी राहत भरा साबित होगा, जहां वर्षों से विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई थी।

2027 तक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने का लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि सरकार ने 2027 तक राज्य के स्वास्थ्य ढांचे को पूरी तरह मजबूत करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत अस्पतालों में नई तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और आधुनिक सुविधाओं को जोड़ा जा रहा है।

सेना से रिटायर डॉक्टरों की तैनाती इस दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि आपात परिस्थितियों में तेजी से उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।