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आप जानते हैं किस स्कूल के बच्चे ने किया था 2025 में 12वीं CBSE बोर्ड टॉप? मुख्यमंत्री ने स्कूल में आकर किया था सम्मान

लंबे समय से यह धारणा है कि बोर्ड परीक्षाओं में टॉप करने वाले छात्र अधिकतर बड़े शहरों से ही सामने आते हैं। लेकिन वर्ष 2025 की CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजों ने इस सोच को बदल दिया था। उत्तराखंड में शीर्ष प्रदर्शन किसी महानगर से नहीं, बल्कि हल्द्वानी के पास स्थित एक विद्यालय से सामने आया था।

काफी समय पहले CBSE में CGPA प्रणाली लागू थी, जब छात्रों को अपने पूरे अंक नहीं बताए जाते थे। बाद में यह व्यवस्था बदल गई और छात्रों को विषयवार अंक मिलने लगे। इसके बावजूद CBSE की ओर से आधिकारिक मेरिट लिस्ट जारी नहीं की जाती है। यही कारण था कि वर्ष 2025 में भी, अंक सामने आने के बाद, टॉपर को लेकर कुछ समय तक भ्रम की स्थिति बनी रही थी।

सोशल मीडिया के दौर में कई बार जल्दी चर्चा में आने के लिए अलग-अलग स्तर पर दावे किए जाते हैं। ऐसे ही कहीं स्कूलों ने अपने छात्रों को टॉपर बताया था, तो कहीं व्यक्तिगत स्तर पर भी दावे सामने आए थे। इसी वजह से वास्तविक टॉपर की पहचान तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाई थी।

बाद में जब तथ्य सामने आए, तो यह साफ हुआ कि उत्तराखंड में 12वीं CBSE परीक्षा का सर्वोच्च प्रदर्शन एक छात्रा ने किया था, जिसने लगभग सभी विषयों में असाधारण अंक हासिल किए थे। उसने कुल 500 में से 497 अंक, यानी 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। अंग्रेजी और हिंदी जैसे भाषायी विषयों के साथ-साथ सामाजिक विज्ञान के विषयों में भी उसका प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा था।

यह भी माना जाता है कि अंक किसी के जीवन में सफलता की पूरी परिभाषा नहीं होते। फिर भी अच्छे अंक आगे की पढ़ाई, उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और भविष्य के अवसरों के लिए एक मजबूत आधार माने जाते हैं। टॉप परिणाम यह संकेत देते हैं कि छात्र में अनुशासन, निरंतरता और सीखने की क्षमता मौजूद है।

कुछ समय बाद यह तथ्य सार्वजनिक हुआ कि यह उपलब्धि आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल, लामाचौड़ की छात्रा आस्था पंत ने हासिल की थी। आस्था पंत ने अंग्रेजी में 99 अंक, हिंदी में 98 अंक प्राप्त किए थे, जबकि भूगोल, राजनीतिक विज्ञान और योगा जैसे विषयों में उन्होंने पूरे 100 में 100 अंक हासिल किए थे।

आस्था पंत ने उस समय बताया था कि वह आगे चलकर UPSC की तैयारी करना चाहती हैं और सिविल सेवा में जाना उनका लक्ष्य है। उनके पिता सुनील पंत सरकारी सेवा में कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। आस्था ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, सीमित मोबाइल उपयोग और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने मोबाइल फोन का न्यूनतम इस्तेमाल किया था।

यह स्कूल उत्तराखंड के हल्द्वानी के पास स्थित है और हर तरह से आधुनिक तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर के संसाधनों से युक्त है। हालांकि यह उपलब्धि केवल भौतिक सुविधाओं के कारण नहीं मानी है, बल्कि सच यह है कि संसाधनों का सही उपयोग, अनुशासन और शैक्षणिक दिशा किसी भी छात्र की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

मुख्य अतिथि पद्मश्री शेखर पाठक का स्वागत करते विद्यालय के मुख्य ट्रस्टी भुवन उपाध्याय (26 जनवरी 2026)

आर्डन प्रोग्रेसिव स्कूल लगभग सात एकड़ में फैले हरे-भरे परिसर में स्थित है। एक ओर जंगल और दूसरी ओर हिमालय की तलहटी होने के कारण स्कूल का वातावरण शांत और अध्ययन के अनुकूल है। यह CBSE से संबद्ध और ISO गुणवत्ता प्रमाणित विद्यालय है।

स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, वर्ष 2026 से यहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक कक्षाएं शुरू करने की योजना बनाई गई है। पढ़ाई के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक कार्यक्रमों में भी स्कूल के छात्रों ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।

आस्था पंत की यह उपलब्धि केवल एक छात्रा की व्यक्तिगत सफलता नहीं है, बल्कि इसे ग्रामीण क्षेत्र के पास स्थित स्कूलों की शैक्षणिक क्षमता के उदाहरण के रूप में देखा जाना चाहिए। इसी उपलब्धि के सम्मान में मुख्यमंत्री स्वयं स्कूल पहुंचे थे और छात्रा को सम्मानित किया था। यह अवसर स्कूल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज है।