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सेना के जवानों के साथ दिवाली मनाने ‘उत्तराखंड’ पहुंचे थल सेना प्रमुख, LAC पर तैनात फॉरवर्ड पोस्ट्स का लिया जायजा

नई दिल्ली: थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी (Army Chief General Upendra Dwivedi) ने दिवाली (Diwali) का त्योहार सीमा पर तैनात जवानों के साथ मनाया। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के सेंट्रल सेक्टर में स्थित फॉरवर्ड पोस्ट्स (Forward Posts) का दौरा किया। उनके इस दौरे का मकसद ऑपरेशनल तैयारियों का जायजा लेना, जवानों का मनोबल बढ़ाना और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाके में सिविल-मिलिट्री संबंधों को मजबूत करना था।

इस यात्रा के दौरान, थल सेना प्रमुख ने पिथौरागढ़ (Pithoragarh) के उच्च-ऊंचाई वाले इलाकों और आसपास के फॉरवर्ड पोस्ट्स पर तैनात फॉर्मेशनों की समीक्षा की। सेना प्रमुख ने इन इलाकों में दिवाली के शुभ अवसर पर जवानों के साथ खुशियाँ बाँटीं और उनके साहस व समर्पण की सराहना की।

उन्नत तकनीक और तैयारियों की समीक्षा

अधिकारियों के अनुसार, जनरल द्विवेदी ने “इलाके में जारी क्षमता वृद्धि पर ब्रीफिंग प्राप्त की, जिसमें उन्नत सर्विलांस सिस्टम (Advanced Surveillance Systems), विशेष मोबिलिटी प्लेटफॉर्म, नई पीढ़ी की तकनीकों का एकीकरण, रिकॉनिसेंस एसेट्स का ऑप्टिमाइजेशन और सहयोगी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय शामिल था।”

उन्होंने चुनौतीपूर्ण इलाके में जवानों की पेशेवरता, अनुशासन, सामरिक चपलता और नए उपकरणों के अभिनव इस्तेमाल की खूब सराहना की।

जवानों के साहस और लगन की प्रशंसा

दूर-दराज के इलाकों में तैनात कर्मियों से बातचीत करते हुए, जनरल द्विवेदी ने अत्यधिक जलवायु परिस्थितियों और दुर्गम इलाके में ड्यूटी के प्रति उनके संकल्प, साहस और दृढ़ निष्ठा की प्रशंसा की। उन्होंने विकसित हो रही सुरक्षा चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सेना की पूरी तैयारियों की पुष्टि करते हुए “सर्विस बिफोर सेल्फ” (Service Before Self) के मूल मंत्र को दोहराया।

कुमाऊं क्षेत्र के सामरिक महत्व पर जोर

थल सेना प्रमुख ने नेपाल और चीन (Nepal and China) के सीमावर्ती इलाकों के प्रवेश द्वार विशेष रूप से कुमाऊं क्षेत्र (Kumaon Region) के सामरिक महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने स्थानीय लोगों की देशभक्ति और सहनशक्ति की सराहना की। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि कुमाऊं में भारतीय सेना “दया के साथ शक्ति” (“Strength with Compassion”) का प्रतीक है, जो सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ सीमावर्ती समुदायों को सशक्त भी बना रही है।

ऑपरेशन सद्भावना और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम

एक अधिकारी के मुताबिक, “जनरल द्विवेदी ने कुमाऊं रेजिमेंट (Kumaon Regiment) की गौरवशाली विरासत को याद किया और ऑपरेशन सद्भावना (Operation Sadbhavna) तथा वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (Vibrant Village Programme) के तहत की जा रही पहलों की समीक्षा की। इनमें गरब्यांग और कालापानी (Garbyang and Kalapani) में टेंट-आधारित होमस्टे, सड़क बुनियादी ढांचा, हाइब्रिड पावर सिस्टम, मेडिकल कैंप और पॉलीहाउस के जरिए कृषि समर्थन शामिल हैं।”

इस दौरान सेना प्रमुख ने दिवाली के मौके पर देश के सभी सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूर्व सैनिकों और स्थानीय समुदायों के साथ भी बातचीत की और उनके त्याग को सम्मान दिया। सेना प्रमुख का यह दौरा सीमा पर तैनात जवानों के प्रति देश की कृतज्ञता और उनके साथ एकजुटता का एक सशक्त प्रतीक था।