पिथौरागढ़। सरसों के तेल का सैंपल लैब जांच में घटिया मिलने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। न्यायप्रवर्तन अधिकारी/फूड सेफ्टी ऑफिसर नवीन मेहता की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कंपनी पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ ही स्थानीय रिटेलर और डीलर पर भी 15–15 हजार रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया गया है।
जांच के अनुसार, अगस्त 2023 में शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों से सरसों के तेल के नमूने एकत्र किए गए थे, जिन्हें परीक्षण हेतु भेजा गया। चार माह बाद प्राप्त रिपोर्ट में तेल मानकों पर खरा नहीं पाया गया। इसके बाद मामले को न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत यह कार्रवाई की गई।
पिथौरागढ़ के सिमलगैर से लिया गया था सैंपल
रिपोर्ट के अनुसार तेल का नमूना पिथौरागढ़ के सिमलगैर क्षेत्र के एक प्रतिष्ठान से लिया गया था। जांच में स्पष्ट हुआ कि उत्पाद निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है, जिसके बाद फूड सेफ्टी विभाग ने कंपनी, डीलर और रिटेलर—तीनों को नोटिस भेजा।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि घटिया खाद्य पदार्थ बेचने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे मामलों में सख्त दंड और सीलिंग की कार्रवाई भी की जाएगी।
उपभोक्ताओं से सतर्क रहने की अपील
राज्य खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि खाद्य तेल व अन्य पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय लेबल, एक्सपायरी तिथि, सील और एफएसएसएआई नंबर अवश्य जांचें। विभाग का कहना है कि घटिया गुणवत्ता के कारण स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।


