देहरादून। उत्तराखंड के सभी जिलों में एसआईआर की तैयारी के तहत 2003 की वोटर लिस्ट में शामिल मतदाताओं को नामांकन सूची में शत-प्रतिशत मिलने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर मतदाता सूची के मिलान का कार्य तेज किया गया है।
राज्यभर में चल रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए। बीएलओ अधिकारियों को ग्राम स्तर पर मतदाताओं से संपर्क कर नामांकन की स्थिति की पुष्टि करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बीएलओ—सुपरवाइजर से लेकर जिला स्तर तक सभी को निर्धारित समयसीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
चार जिलों की समीक्षा, अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने हाल ही में देहरादून समेत चार जिलों की समीक्षा की, जिसमें मतदाता सूची के मिलान और संशोधन प्रक्रिया की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वर्तमान में दर्ज मतदाता नाम उन स्थानों पर भी जांचे जाएं, जहां लोगों के स्थानांतरण या निवास परिवर्तन की संभावना अधिक रहती है।
अधिकारियों को यह भी कहा गया कि मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इस दिशा में विशेष सतर्कता बरती जाए। बूथ लेवल पर उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की गई ताकि मतदाता अभियान सुचारु रूप से संचालित हो सके।
बूथ लेवल एजेंट्स की नियुक्ति पर जोर
समीक्षा बैठक में बूथ लेवल एजेंट्स की शत-प्रतिशत नियुक्ति के लिए राजनीतिक दलों से पुनः संवाद करने का निर्णय लिया गया। आयोग का मानना है कि बूथ लेवल एजेंट्स की उपस्थिति से न केवल मतदाता सूची के सत्यापन में तेजी आएगी, बल्कि संशोधन प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और सटीक होगी।
बैठक के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजर को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि विशेष पुनरीक्षण अवधि में किसी भी पात्र मतदाता का नाम छूटने न पाए।
तकनीकी सुविधाएं और प्रशिक्षण भी होंगे सुदृढ़
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा कि जिलों में नियुक्त कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे ऑनलाइन संशोधन प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से संपादित कर सकें।
इसके अलावा, कुछ जिलों में नेट कनेक्टिविटी की समस्या को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करने और आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
आगामी कार्यक्रम और तैयारी
आयोग ने बताया कि आने वाले दिनों में मतदाता जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम भी और अधिक व्यापक रूप से चलाए जाएंगे। विशेषकर नए मतदाताओं के नामांकन पर ध्यान दिया जाएगा ताकि युवा वर्ग सक्रिय रूप से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग ले सके।
समीक्षा बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ वरिष्ठ अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


