चंपावत। (Kafal Tree Live Uttarakhand News) एक ऐसा सपना, जो अब हकीकत की जमीन पर उतरने को बेताब है। एक ऐसी परियोजना, जो न सिर्फ व्यापार के नए द्वार खोलेगी, बल्कि सीमांत क्षेत्र की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल देगी। उत्तराखंड के सामने यह सपना आकार ले रहा है, जिसका नाम है – 500 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला अत्याधुनिक बनबसा लैंड पोर्ट।
सीएम धामी की निगरानी में तेज गति से काम
बनबसा में इस आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे विकास को भारत और नेपाल के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने और सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने वाला एक ‘क्रांतिकारी कदम’ करार दिया। लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (LPAI) द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना के पहले चरण के निर्माण के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी एक ऐतिहासिक फैसला साबित होगी।(Kafal Tree Live Uttarakhand News)

जंगल और जमीन की बाधाओं को पार करती परियोजना
यह सफर आसान नहीं रहा। लेकिन उत्तराखंड सरकार के सक्रिय समर्थन से LPAI ने इस परियोजना को रफ्तार दी है। सीएम धामी ने खुद बताया कि पर्यावरण मंजूरी, प्रतिपूरक वनीकरण और भूमि हस्तांतरण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा इसी साल लगभग 84 एकड़ वन भूमि के डायवर्जन की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद से निर्माण गतिविधियां पूरे जोर-शोर से आगे बढ़ रही हैं। यह सिर्फ एक मंजूरी नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के विकास के लिए एक हरी झंडी थी।
एकीकृत परिसर में सिमटेगी सीमा की सारी गतिविधियां
यह आधुनिक लैंड पोर्ट भारत और नेपाल के बीच व्यापार और यात्री आवाजाही के लिए एक एकीकृत, सुविधाजनक और सुरक्षित ढांचा प्रदान करेगा। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि सीमा प्रबंधन से जुड़े सभी प्रमुख एजेंसियां – कस्टम, सुरक्षा, व्यापार – अब एक ही छत के नीचे काम करेंगी। इससे सीमा पार संचालन में दक्षता और पारदर्शिता आएगी। कल्पना कीजिए, एक ट्रक ड्राइवर जिसे अलग-अलग जगहों पर दौड़-भाग करने में घंटों लग जाते थे, उसकी सारी औपचारिकताएं अब एक ही जगह पूरी हो जाएंगी। यह समय की बचत नहीं, जीवन में आसानी लाने वाला बदलाव है।
नौजवानों को मिलेगा रोजगार, मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
बनबसा लैंड पोर्ट की रणनीतिक लोकेशन सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में इस क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी। यह न सिर्फ कृषि और औद्योगिक वस्तुओं में औपचारिक व्यापार को सुगम बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। इस एक परियोजना से पूरे चंपावत क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलेगी। यह सीमा पर बसा एक गाँव अचानक देश-विदेश के व्यापार का केंद्र बन जाएगा। यहां के युवाओं के सपनों को नई उड़ान मिलेगी।
एक नए युग की शुरुआत
बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना के पीछे भारी निवेश और सरकारी समर्थन है, जो भारत और नेपाल के बीच कनेक्टिविटी और व्यापार बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सभी जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं और निर्माण लगातार प्रगति पर है। यह सुविधा सीमा प्रबंधन को सुव्यवस्थित करेगी, बुनियादी ढांचे में सुधार करेगी और चंपावत क्षेत्र में ताजा आजीविका के अवसर पैदा करेगी। यह न सिर्फ उत्तराखंड के विकास, बल्कि क्षेत्रीय सहयोग के प्रयासों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगी। बनबसा की यह जमीन अब सिर्फ सीमा नहीं, बल्कि दोस्ती और समृद्धि का एक नया पुल बनने जा रही है। (Kafal Tree Live Uttarakhand News)


