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हल्द्वानी-काठगोदाम में शुरू होगा सरदार पटेल यूनिटी मार्च, 31 अक्टूबर से गांव-गली में दिखेगा जनजागरण

हल्द्वानी-काठगोदाम। (Kafal Tree Live- Uttarakhand News) सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर हल्द्वानी-काठगोदाम क्षेत्र में ‘Sardar@150 Unity March’ का आगाज किया गया है। इस पदयात्रा का उद्देश्य लौह पुरुष के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के सपने को युवाओं तक पहुंचाना और उनमें राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना बताया जा रहा है।

दो चरणों में चलेगा अभियान

इस व्यापक अभियान को दो चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण के तहत, जो 31 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा, क्षेत्र में जिला स्तर पर पदयात्राएं आयोजित की जाएंगी। इन यात्राओं के दौरान योग एवं स्वास्थ्य शिविर, व्याख्यान, वाद-विवाद प्रतियोगिताएं और नशा मुक्ति अभियान जैसे कार्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही, केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।

MY Bharat पोर्टल होगा केंद्र में

अभियान से जुड़े सभी पंजीकरण, डिजिटल प्रतियोगिताएं और गतिविधियां MY Bharat पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएंगी। इस पोर्टल का उद्देश्य युवाओं को एक ही मंच पर लाकर सरदार पटेल के विचारों से जोड़ना है। बताया गया है कि 6 अक्टूबर से ही सोशल मीडिया रील प्रतियोगिता, निबंध लेखन और यंग लीडर्स प्रोग्राम जैसी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जिनमें युवाओं की भारी संख्या में भागीदारी दर्ज की गई है।

स्कूल-कॉलेजों की अहम भूमिका

इस अभियान में स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। छात्र तीन दिवसीय पदयात्रा में 8 से 10 किलोमीटर तक की दूरी तय करेंगे। पदयात्रा से पूर्व शिक्षण संस्थानों में प्री-इवेंट एक्टिविटीज के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। सरदार पटेल के जीवन पर शोध करने वाले विद्वानों को आमंत्रित किया जाएगा और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से युवाओं तक उनके विचारों को पहुंचाया जाएगा।

26 नवंबर को शुरू होगी ऐतिहासिक पदयात्रा

अभियान के सबसे महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत 26 नवंबर, संविधान दिवस के दिन होगी। इस दिन क्षेत्र के प्रत्येक जिले से चुने गए 2-5 पदयात्री, देशभर के अन्य यात्रियों के साथ, सरदार पटेल की जन्मभूमि करमसद से लेकर ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ केवड़िया तक 152 किलोमीटर की ऐतिहासिक पदयात्रा पर निकलेंगे।

इस पूरे आयोजन में एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस के स्वयंसेवकों और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग से एक कार्निवल जैसा माहौल बनाने की योजना है। साथ ही, समाज के सभी वर्गों, रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के अफसरों और स्थानीय खिलाड़ियों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

इस अभियान के जरिए न सिर्फ सरदार पटेल के एकता के संदेश को फैलाने का काम किया जाएगा, बल्कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को भी युवाओं के बीच पहुंचाया जाएगा।