दुनिया एक बार फिर एक नए परमाणु हथियार के ज़माने में कदम रखने जा रही है। एक ऐसा हथियार जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह किसी भी मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए ‘असंभव’ पहेली बनकर उभरेगा। रूस ने अपनी परमाणु संचालित क्रूज मिसाइल ‘बुरेवेस्तनिक’ के सफल परीक्षण की घोषणा की है, और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ज़ुबानी इसका संदेश साफ है – पश्चिम का कोई भी रक्षा कवच अब ‘अभेद्य’ नहीं रहा।
यह कोई सामान्य परीक्षण नहीं था। 21 अक्टूबर को हुआ यह परीक्षण उस दिन किए गए एक बड़े परमाणु ड्रिल का हिस्सा था, जिसे यूक्रेन युद्ध को लेकर पश्चिमी दबाव के जवाब में मॉस्को का एक स्पष्ट ‘संदेश’ माना जा रहा है। रूस का कहना है कि वह कभी भी पश्चिम के दबाव में नहीं झुकेगा, और बुरेवेस्तनिक इसी इरादे की सबसे मजबूत गवाही है।
क्या है यह ‘बुरेवेस्तनिक’ क्रूज मिसाइल?
9M730 बुरेवेस्तनिक, जिसका मतलब है ‘स्टॉर्म पेट्रेल’ (एक समुद्री पक्षी), एक परमाणु-संचालित और परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम क्रूज मिसाइल है। रूस ने पहली बार इसे 2018 में दुनिया के सामने पेश किया था। लेकिन तब यह एक विचार से ज़्यादा कुछ नहीं लगता था। आज, यह विचार एक सुनियोजित और सफलतम हकीकत में तब्दील हो चुका है।
इस मिसाइल की सबसे डरावनी खासियत है इसकी असीमित रेंज और अप्रत्याशित उड़ान पथ। यह दावा किया जा रहा है कि यह मिसाइल पारंपरिक ईंधन की सीमाओं से मुक्त है, और इसे रोक पाना किसी भी देश के लिए एक दुस्वप्न जैसा होगा। रूस ने इसे खासतौर पर अमेरिका और नाटो की मिसाइल रक्षा प्रणालियों का मुकाबला करने और अपनी परमाणु निवारक क्षमता को और मजबूत करने के लिए विकसित किया है।
कैसे काम करती है यह ‘चमत्कारिक’ मिसाइल?
जहाँ आम क्रूज मिसाइलें टर्बोजेट या टर्बोफैन इंजन पर निर्भर होती हैं और ईंधन खत्म होने की वजह से उनकी रेंज सीमित होती है, वहीं बुरेवेस्तनिक एक लघु परमाणु रिएक्टर का इस्तेमाल करती है। यह रिएक्टर इसे लंबे समय तक हवा में रहने की क्षमता देता है। कहा जा रहा है कि यह मिसाइल अपने लक्ष्य पर वार करने से पहले पूरी दुनिया का चक्कर लगा सकती है।
अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी संगठन ‘द न्यूक्लियर थ्रेट इनीशिएटिव’ (NTI) ने 2019 की अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यह मिसाइल कई दिनों तक हवा में रह सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, बुरेवेस्तनिक बेहद कम ऊंचाई पर उड़ान भर सकती है, भू-भाग और दुश्मन की रक्षा प्रणालियों से बचते हुए, परमाणु वारहेड को ऐसे स्थानों पर पहुंचा सकती है, जिसका अनुमान लगाना नामुमकिन हो।
पुतिन का दावा: “यह एक अनूठा हथियार है”
क्रेमलिन द्वारा जारी किए गए अपने बयान में राष्ट्रपति पुतिन ने साफ शब्दों में कहा, “यह एक अनूठा हथियार है जो दुनिया में किसी और के पास नहीं है।” यूक्रेन युद्ध की देखरेख कर रहे जनरलों को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा कि अब देश इस मिसाइल की तैनाती की तैयारी शुरू करेगा।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि रूसी विशेषज्ञों ने एक समय उन्हें बताया था कि ऐसा हथियार बनाना शायद कभी संभव नहीं हो पाएगा। “लेकिन अब, इसके महत्वपूर्ण परीक्षण सफलतापूर्वक समाप्त हो गए हैं,” पुतिन ने घोषणा की। उन्होंने जनरल वालेरी गेरासिमोव को निर्देश दिया कि वह इस हथियार के वर्गीकरण का निर्धारण करें और इसकी तैनाती के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित करें।
कितनी दूर और कितनी नीचे उड़ सकती है बुरेवेस्तनिक?
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के एक 2021 के विश्लेषण के मुताबिक, बुरेवेस्तनिक की रेंज 20,000 किलोमीटर (लगभग 12,400 मील) तक हो सकती है। इसका मतलब है कि रूस के भीतर कहीं से भी लॉन्च होने के बाद यह अमेरिकी लक्ष्यों को निशाना बना सकती है।
इसी स्रोत के अनुसार, यह मिसाइल आमतौर पर जमीन से मात्र 50 से 100 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरती है, जो ज़्यादातर क्रूज मिसाइलों की तुलना में बेहद कम है। इतनी कम ऊंचाई रडार सिस्टम के लिए इसे पकड़ पाना बेहद मुश्किल बना देती है।
अमेरिका और नाटो को जवाब है बुरेवेस्तनिक
2018 में अपने पहले अनावरण के बाद से ही, 9M730 बुरेवेस्तनिक – जिसे नाटो में SSC-X-9 ‘स्काईफॉल’ का नाम दिया गया है – को रूस द्वारा मौजूदा और भविष्य की मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए ‘अजेय’ बताया जाता रहा है।
रूस का कहना है कि मिसाइल की लगभग असीमित रेंज और अप्रत्याशित उड़ान पथ इसे पकड़ने या रोकने में लगभग असंभव बना देते हैं। यह प्रणाली मॉस्को का अमेरिका की मिसाइल डिफेंस प्रोग्राम और नाटो के निरंतर विस्तार का जवाब है, खासकर तब से जब अमेरिका ने 2001 में 1972 की एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल संधि से अपने को अलग कर लिया था।
बढ़ते तनाव के बीच एक सामरिक संकेत
यह मिसाइल परीक्षण और पुतिन का छलावरण वर्दी पहने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक करने का ऐलान, पश्चिम को दिया गया एक सोचा-समझा सामरिक संकेत है। यह घटना उस समय सामने आई है जब अमेरिका ने यूक्रेन में युद्धविराम के लिए रूस पर दबाव बढ़ाने की कोशिश की है।
एक ऐसा हथियार जो कभी नहीं रुकता, जिसकी दिशा का अनुमान लगाना असंभव है, और जो दुनिया के किसी भी कोने में विनाश ला सकता है… बुरेवेस्तनिक सिर्फ एक मिसाइल नहीं, बल्कि एक डरावनी चेतावनी है। यह चेतावनी एक नए, और भी खतरनाक हथियारों की दौड़ की शुरुआत का संकेत देती है, जहाँ ‘अजेय’ होने का दावा एक नए तरह के विनाश का पर्याय बन सकता है। दुनिया एक बार फिर एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहाँ भविष्य अनिश्चितता के गहरे साये में है।


