Homeमुख्य पृष्ठउत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की दशा दयनीय, उपपा ने उठाए...

उत्तराखंड में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की दशा दयनीय, उपपा ने उठाए सरकार पर सवाल

हल्द्वानी: उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की बदहाल स्थिति को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की हल्द्वानी में हुई एक बैठक में इन तीनों महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहरी चिंता जताई गई और आरोप लगाया गया कि राज्य सरकार जनता के लिए इन क्षेत्रों में कुछ खास नहीं कर पाई है।

25 साल में बदतर हुए हालात, बिगड़ा जनता का विश्वास

उपपा नेताओं ने बैठक के दौरान कहा कि राज्य गठन के पिछले 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं, जो एक गंभीर चिंता का विषय है। पार्टी का मानना है कि बिगड़ती कानून-व्यवस्था और इन मूलभूत समस्याओं के निवारण में सरकार की विफलता के चलते जनता का सरकार से विश्वास उठ गया है।

चौखुटिया के आंदोलन को मिला समर्थन

बैठक में पार्टी नेताओं ने चौखुटिया क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का पुरजोर समर्थन किया। इस आंदोलन को समर्थन देकर उपपा ने सरकार पर यह इल्जाम लगाया कि राज्य के दूरदराज के इलाकों में लोगों को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं।

नशे के खिलाफ चलाएंगे जन अभियान

बैठक में एक और प्रमुख मुद्दा हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में नशे के बढ़ते प्रभाव और उससे उपजी समस्याओं को उठाया गया। पार्टी नेताओं ने इसे ‘चिंता का विषय’ बताते हुए कहा कि इससे समाज का ताना-बाना बिगड़ रहा है और युवा पीढ़ी का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए उपपा ने नशे के खिलाफ एक बड़ा जन अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

हल्द्वानी से मजबूत करेंगे पार्टी

उत्तराखंड के एक महत्वपूर्ण महानगर हल्द्वानी को पार्टी का प्रमुख केंद्र बनाने की रणनीति पर भी बैठक में चर्चा हुई। पार्टी ने तय किया कि हल्द्वानी में नियमित जनसंपर्क और जन-अभियानों के माध्यम से उपपा को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्थानीय मुद्दों को उठाकर लोगों के बीच पार्टी की उपस्थिति दर्ज कराना है।

बैठक की अध्यक्षता अशोक डालाकोटी ने की, जबकि इसका संचालन दयाल पांडे ने किया। इस अवसर पर बीडी सनवाल, बसन्त भट्ट, खष्टी सुयाल, नेहा, दिनेश उपाध्याय, संगीता पाण्डेय, मनीषा एवं जितेन्द्र तिवारी सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में सभी ने एक स्वर में राज्य सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाए और आगामी दिनों में इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच व्यापक आंदोलन चलाने का संकल्प लिया।

उपपा की इस बैठक ने साफ कर दिया है कि पार्टी अब उत्तराखंड की राजनीति में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर सत्ताधारी दलों को चुनौती देने का मन बना चुकी है।